कहते हैं की प्यार के नशे में इंसान पागल हो जाता हैं
प्यार का भूत उस इस तरह से सवार होता है जैसे प्यार का भूत प्रोफेशनल घुड़सवार ओर प्यार करने वाला एक अंधा घोडा । वर्तमान और भविष्य दोनों को ताक पर रख के बस एक धूलभरी आंधी की तरह दौड़ता चला जाता है।
प्यार होना चाहिए लेकिन ये हमेसा ही परिजनों को चिन्ता में डाल देता है उसी चिन्ता के निवारण के लिए आज हम आपको प्यार का भूत उतारने वाले हनुमान जी के मंदिर के बारे में बताएंगे।
भारत में अनेको मंदिर है जो अलग अलग बाधाओ से भक्त को निकालते है | आज हम जिस रोचक मंदिर की बात करने वाले है उसकी विशेषता है यहा प्यार में पागल हुए दिवानो का ईलाज होता है |
यह ईलाज कोई डॉक्टर या वैद नही बल्कि हनुमान जी करते है |
कहाँ है प्यार का भूत उतारने वाला हनुमान मंदिर?
उत्तप्रदेश के सहारनपुर में बेहट रोड पर बस स्टैंड पर स्थित इस मंदिर में मुख्य आराध्य देव हनुमान जी है ।
इनके साथ साथ काल भैरव , प्रेतराज सरकार और श्री राम की प्रतिमा विराजित है। इस मंदिर में हनुमान का बाल रूप प्रतिमा रूप में विराजमान है । राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी की तरह त्रिदेव (हनुमान , प्रेतराज और भैरव ) यहा विराजित है ।
माता पिता कराते है बच्चो के लिए विशेष पूजा :
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा में इन प्यार के दीवानों की हाजरी लगवाई जाती है
आपने सुना ही होगा की जिसने उसको वश में कर लिया ,कोई जादू कर दिया ।इस मंदिर में प्यार का भूत उतारना वशीकरण का उल्टा उपाय है ।
वशीकरण से उल्टा उपाय
मंदिर के पुजारी बताते है की माता पिता अपने पुत्र पुत्रियों को इस मंदिर में बड़ी आस्था और विश्वास के साथ लाते है ।
इस मंदिर में पूजा अर्चना से प्यार करने वाले दीवानों का ईलाज किया जाता है । पूजा के समय प्यार में बीमार व्यक्ति और उसके परिजन शामिल होते है । इसके अलावा कुछ मनोवैज्ञानिक उपाय भी बताये जाते है। मंदिर में कई इश्क के दीवानों का सफल ईलाज किया जा चूका है
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